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अपने परिवार को साइबर फ्रॉड से बचाएँ: तुरंत उठाएँ ये 4 महत्वपूर्ण कदम
PhonePe Regional|4 min read|20 January, 2026
आज के समय में यदि आप किसी भी जगह फ्रॉड का टॉपिक उठाएँगें, तो हर किसी के पास सुनाने के लिए एक कहानी होगी। हमेशा कोई न कोई मौसी होती हैं, जिन्होंने पैसे गवाँ दिए या कोई चाचा, जिन्होंने एक संदिग्ध फोन कॉल को तुरंत पहचान लिया और उसे काट दिया।
यही आज के समय की सच्चाई है। हालाँकि, नियामकों, कानून प्रवर्तन और अन्य महत्वपूर्ण हितधारकों के निरंतर प्रयासों के कारण, हमने इस साल फ्रॉड को नियंत्रित करने में प्रगति की है। सरकार के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, भारत में वित्तीय वर्ष 2024 में 13.42 लाख UPI फ्रॉड की घटनाएँ दर्ज की गईं, जिनमें 1,087 करोड़ रुपये की हानि हुई। वित्तीय वर्ष 2025 में यह आँकड़ा घटकर 12.64 लाख घटनाओं और 981 करोड़ रुपये तक आ गया।
इस प्रगति को जारी रखने के लिए, हम इस साल की शुरुआत एक कॉम्प्रिहेंसिव गाइड के साथ कर रहे हैं, जो आपको और आपके परिवार को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने में मदद करेगा।
1. खतरे को समझें
डिजिटल फ्रॉड में कई तकनीकें शामिल हैं जैसे कि फिशिंग, पहचान की चोरी (Identity Theft) और आपके डिवाइस में मैलवेयर डालना। धोखेबाज़, फर्जी ईमेल, मैसेज और कॉल के जरिए आपको जाल में फँसाते हैं। उनका लक्ष्य आपको बहला-फुसलाकर आपकी संवेदनशील जानकारी, जैसे पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल्स हासिल करना होता है।
2. फ्रॉड के सामान्य तरीकों को पहचानें
कुछ फ्रॉड की तकनीकें सभी को पता हैं, जबकि कुछ नई हैं। लेकिन इन सभी में एक समानता होती है- अधिकतर फ्रॉड एक फोन कॉल, टेक्स्ट मैसेज या ई-मेल से शुरू होते हैं। अपने परिवार को अनचाहे संचार के प्रति सतर्कता विकसित करने में मदद करें।
इन संकेतों पर ध्यान दें:
- हड़बड़ी पैदा करना या धमकी देना: धोखेबाज़ हड़बड़ी का माहौल बनाते हैं ताकि आप बिना सोचे-समझे जल्दी से कार्रवाई करें।
- संवेदनशील जानकारी की माँग करना: वैध संस्थाएँ कभी भी पासवर्ड, CVV, या OTPs नहीं माँगती है।
- संदिग्ध लिंक: हमेशा लिंक का URL चेक करें कि क्या यह किसी असली बैंक या संस्था का है या नहीं। आप क्लिक करने से पहले डेस्टिनेशन URL देखने के लिए हमेशा लिंक पर माउस ले जा सकते हैं।
- पुलिस या आपका बैंक आपसे कभी भी पैसे निकालने, अपना पूरा PIN बताने, या “फिंगरप्रिंट चेकिंग” के लिए कैश देने के लिए नहीं कहेगा।
- फोन स्कैम: अगर कोई कॉलर गिरफ्तारी की धमकी देता है या “जुर्माना” के लिए कैश ट्रांसफर की माँग करता है, तो यह एक स्कैम है। अनचाही कॉल्स को कम करने के लिए टेलीफ़ोन प्रेफ़रेंस सर्विस का उपयोग करें।
- डोरस्टेप कॉलर्स: अनचाही सर्विस ऑफर करने वालों को “जी नहीं धन्यवाद” कहना हमेशा अच्छा होता है। किसी भी सेवा के लिए तुरंत सहमति न दें और हमेशा लिखित कोट्स प्राप्त करें। अपनी व्यक्तिगत जानकारी केवल तभी शेयर करें जब यह बिल्कुल आवश्यक हो। धोखेबाज इस डाटा का उपयोग नई पहचान बनाने या आपके पासवर्ड को क्रैक करने के लिए कर सकते हैं।
3. अपने अकाउंट्स और डिवाइसेस को सुरक्षित रखें
- मजबूत पासवर्ड: हर अकाउंट के लिए अक्षरों, नंबरों और प्रतीकों का एक यूनिक कॉम्बिनेशन रखें।
- मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA): सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत के लिए हमेशा MFA या 2-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन रखें।
- ऑटोमैटिक अपडेट: अपने फोन और ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें ताकि जानी-पहचानी सुरक्षा खामियों से बचा जा सके।
- नियमित बैकअप: अपनी महत्वपूर्ण फाइलों का हर महीने किसी बाहरी ड्राइव (external drive) या भरोसेमंद क्लॉउड पर बैकअप बना लें।
- एंटीवायरस: अपने डिवाइस पर नियमित रूप से एक प्रभावी मैलवेयर/एंटीवायरस चेक चलाएँ।
यदि आपको शक है कि आपकी जानकारी लीक हो गई है, तो तुरंत फ्रॉड रिपोर्ट करें।
4. अगली पीढ़ी को सशक्त बनाएं
बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में सिखाना बहुत ज़रूरी है। इसे नियमित चर्चा का हिस्सा बनाएँ:
- गोपनीयता: उन्हें बताएँ कि व्यक्तिगत जानकारी शेयर क्यों नहीं करनी चाहिए या चैट में अजनबियों से बात क्यों नहीं करनी चाहिए।
- पैरेंटल कंट्रोल: अनुचित साइटों को ब्लॉक करने और स्क्रीन टाइम की हेल्दी लिमिट सेट करने के लिए टूल्स का उपयोग करें।
- खुलकर बातचीत करें: उन्हें प्रोत्साहित करें कि अगर उन्हें ऑनलाइन कुछ “अजीब” लगे तो तुरंत आपके पास आएँ।
- सशक्त बनाएँ, नियंत्रित न करें: बच्चों को डिजिटल दुनिया को समझने में मदद करें, न कि सिर्फ उनके एक्सेस को सीमित करें।
- फैमिली कोड वर्ड: AI धोखेबाज़ों के समय में, परिवार में एक कॉमन कोड वर्ड होना बहुत जरूरी है ताकि भावनात्मक और फाइनेंशियल फ्रॉड से बचा जा सके।
इसकी रिपोर्ट कैसे करें?
यदि आपको शक है कि आप किसी स्कैम का शिकार हुए हैं, तो तुरंत इसकी रिपोर्ट करें:
PhonePe पर रिपोर्ट करें:
- PhonePe ऐप: हेल्प सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज करें।
- PhonePe कस्टमर केयर: 80–68727374 या 022–68727374 पर कॉल करें।
- सोशल मीडिया पर रिपोर्ट करें:
- Twitter: PhonePe Support
- Facebook: PhonePe Official
- शिकायत निवारण: PhonePe शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
अधिकारियों को रिपोर्ट करें:
- साइबर क्राइम सेल: साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें या 1930 पर कॉल करें।
- डिपार्टमेंट ऑफ़ कम्युनिकेशन (DOT): संचार साथी पोर्टल पर चक्षु सुविधा के ज़रिए संदिग्ध मैसेज, कॉल, या WhatsApp/Telegram फ्रॉड की रिपोर्ट करें।
सुरक्षा का माहौल बनाएँ
डिजिटल सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। सक्रिय रहकर, MFA जैसी तकनीक का उपयोग करके और थोड़ी सावधानी बरतकर, आप अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं और सभी के लिए एक सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम बनाने में योगदान दे सकते हैं।
महत्वपूर्ण रिमाइंडर— PhonePe कभी भी गोपनीय या व्यक्तिगत जानकारी नहीं माँगता है। यदि PhonePe से होने का दावा करने वाले सभी ईमेल phonepe.com डोमेन से नहीं हैं, तो उन्हें अनदेखा करें। अगर आपको फ्रॉड का संदेह है, तो कृपया तुरंत अधिकारियों से संपर्क करें।
