
Trust & Safety
क्या आपके ग्रुप चैट्स में भी घुस चुके हैं धोखेबाज? जानिए उनकी चालाकियों से खुद को सुरक्षित रखने के उपाय
PhonePe Regional|3 min read|11 June, 2026
हमारे माता-पिता या दादा-दादी अक्सर सुनाते हैं कि कैसे उनके ज़माने में ‘टेलीग्राम’ ही बातचीत का इकलौता तेज़ ज़रिया था। टेलीग्राफ ऑफिस जाओ, फॉर्म भरो और एक-एक शब्द गिनकर पैसे दो! आज के ‘इंस्टेंट मैसेजिंग’ वाले दौर में बैठकर, उस ज़माने की कल्पना करना भी किसी अजूबे से कम नहीं लगता।
मैसेजिंग ऐप्स हों या पेमेंट ऐप्स का चैट फीचर—इन्हें हमारी बातचीत को आसान बनाने के लिए ही डिज़ाइन किया गया है। चाहे दोस्तों के साथ रियल-टाइम गपशप हो, बिज़नेस डील्स हों, या पेमेंट ऐप में ग्रुप के खर्चों का हिसाब-किताब; ‘इंस्टेंट मैसेजिंग’ ने वाकई हमारे कम्युनिकेट करने के अंदाज़ को पूरी तरह बदल दिया है।
जहाँ सुविधा है, वहीं खतरा भी है! धोखेबाज अब लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने के लिए इन चैट्स का सहारा ले रहे हैं। आखिर यह कैसे काम करता है इनका यह मायाजाल? और आप इनकी धोखाधड़ी का शिकार होने से कैसे बच सकते हैं? आइए, इस ब्लॉग में अच्छे से जानते हैं।
समझें चैट स्कैम का पूरा खेल
जालसाज आपके पसंदीदा चैट्स और ग्रुप्स का इस्तेमाल करके आपको कैसे जाल में फंसाते हैं, आइए इसके हर स्टेप को बारीकी से समझें:
- अचानक एक अनजान नंबर से आपके पास चैट मैसेज आता है, या आपको बिना आपकी मर्जी के एक बड़े ग्रुप चैट में ऐड कर दिया जाता है।
- इस चैट में रातों-रात अमीर बनाने वाली स्कीम्स, सट्टेबाज़ी की टिप्स या “गैंबलिंग ऐप्स” के बंपर रिवॉर्ड्स की भरमार होती है।
- स्कैमर्स ग्रुप में एक लिंक शेयर करते हैं, जो दिखने में कोई बड़ा रिवॉर्ड्स, कैशबैक या लुभावना गेमिंग लिंक जैसा लगता है।
- लिंक पर क्लिक करते ही आपके फोन में चुपके से एक थर्ड-पार्टी APK ऐप इंस्टॉल हो जाता है। इसके बाद, यह ऐप आपके फोन के बैकग्राउंड में एक्टिव होकर नीचे दिए गए खतरनाक कामों को अंजाम देता है:
- OTPs फॉरवर्ड करना: आपके पर्सनल SMS और OTPs को बीच में ही रोककर सीधे स्कैमर्स तक पहुँचाना।
- डॉक्यूमेंट्स चोरी करना: आपके फोन से आधार, PAN और अन्य प्राइवेट फाइल्स की फोटो चुरा लेना।
- आपके OTP और पहचान के दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करके, धोखाधड़ी करने वाला बैंक की सुरक्षा को चकमा देता है, आपके अकाउंट से पैसे निकाल लेता है और आगे अपराध करने के लिए ‘सिंथेटिक आइडेंटिटी’ (यानी आपकी असली जानकारी का इस्तेमाल करके बनाई गई नकली पहचान) बनाता है।
ग्रुप चैट स्कैम से खुद को कैसे बचाएं
सावधानी में ही सुरक्षा है! जब हम जल्दबाजी, डर या बिना सोचे-समझे किसी लालच में कदम उठाते हैं, तभी APK और फेक ऐप्स वाले फ्रॉड होते हैं। डिजिटल पेमेंट्स पूरी तरह से सुरक्षित हैं, बशर्ते हम थोड़े सतर्क रहें। खुद को बड़े आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए बस एक पल रुकें और ये चार चीज़ें ज़रूर वेरिफ़ाई करें-ऐप का सोर्स, डेवलपर की ईमेल आईडी, ऐप द्वारा मांगी जा रही अनुमति और किसी भी लिंक की असलियत!
साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रहने के लिए यहाँ कुछ आसान टिप्स दिए गए हैं:
- चैट में भेजे गए लिंक से कभी भी कोई ऐप डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। ये मैलवेयर हो सकते हैं जो आपकी संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं। ऐप्स को केवल Indus Appstore, Google Play Store या ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।
- अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल न होने वाले फ़ोन नंबरों से शुरू किए गए ग्रुप या चैट से सावधान रहें।
- समय-समय पर अपने फ़ोन की सेटिंग्स में यह चेक करते रहें कि किन ऐप्स को “SMS पढ़ने” या “फ़ाइलों को एक्सेस करने” की अनुमति दी गई है।
- कोई भी असली प्लेटफ़ॉर्म या बैंक अधिकारी कभी भी आपसे चैट या कॉल पर OTP नहीं मांगेगा।
- बिना इजाज़त एक्सेस से अतिरिक्त सुरक्षा के लिए अपने पेमेंट ऐप्स पर फ़िंगरप्रिंट या फ़ेस आईडी लॉक का इस्तेमाल करें।
यदि आपने कोई फर्जी ऐप इंस्टॉल कर लिया है तो क्या करें
- ऐप को तुरंत अनइंस्टॉल करें।
- कुछ समय के लिए मोबाइल डेटा और वाई-फ़ाई बंद कर दें।
- बैंकिंग, ईमेल और पेमेंट ऐप्स के पासवर्ड बदलें।
- मॉनिटरिंग शुरू करने या गतिविधि को रोकने के लिए अपने बैंक/पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करें।
कैसे रिपोर्ट करें:
यदि आपको शक है कि आप किसी स्कैम का शिकार हुए हैं, तो तुरंत इसकी रिपोर्ट करें:
PhonePe पर रिपोर्ट करें:
- PhonePe ग्रुप चैट: यदि आपको लगता है कि ग्रुप धोखाधड़ी वाला है, तो आप ग्रुप प्रोफ़ाइल में “Exit/बहार निकलें” और “Report/रिपोर्ट करें” ऑप्शन पर क्लिक कर सकते हैं।
- PhonePe ऐप: हेल्प सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज करें।
- PhonePe कस्टमर केयर: 80–68727374 या 022–68727374 पर कॉल करें।
- सोशल मीडिया पर रिपोर्ट करें:
- Twitter: PhonePe Support
- Facebook: PhonePe Official
- शिकायत निवारण: PhonePe शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
अधिकारियों को रिपोर्ट करें:
- साइबर क्राइम सेल: साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें या 1930 पर कॉल करें।
- डिपार्टमेंट ऑफ़ कम्युनिकेशन (DOT): संचार साथी पोर्टल पर चक्षु सुविधा के ज़रिए संदिग्ध मैसेज, कॉल, या WhatsApp/Telegram फ्रॉड की रिपोर्ट करें।
महत्वपूर्ण रिमाइंडर— PhonePe कभी भी गोपनीय या व्यक्तिगत जानकारी नहीं माँगता है। यदि PhonePe से होने का दावा करने वाले सभी ईमेल phonepe.com डोमेन से नहीं हैं, तो उन्हें अनदेखा करें। अगर आपको फ्रॉड का संदेह है, तो कृपया तुरंत अधिकारियों से संपर्क करें।
