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जम्पड डिपॉजिट’ स्कैम: सावधान! UPI पिन डालने से पहले ये बातें जान लें
PhonePe Regional|4 min read|24 February, 2026
आपका UPI पिन, आपके पैसे और किसी भी ट्रांजेक्शन के बीच वो आखिरी चाबी है, जो आपके पैसों की सुरक्षा करती है। आप जब भी यह पिन डालते हैं, तो आप अपने अकाउंट से पैसे निकालने की अनुमति देते हैं। इसलिए, कुछ भी अप्रूव करने से पहले रुकना और वेरिफाई करना बहुत ज़रूरी है। लेकिन फिर भी रोजाना के ट्रांजेक्शन की जल्दबाजी में, यूजर इस आसान से कदम को नज़रअंदाज़ कर बैठते हैं और सोशल इंजीनियरिंग घोटालों के शिकार हो जाते हैं। ऐसा ही एक स्कैम है जम्प्ड डिपॉजिट स्कैम।
आइए समझते हैं कि यह स्कैम कैसे काम करता है और आप इससे खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।
आखिर क्या है यह ‘जम्पड डिपॉजिट स्कैम’?
इस स्कैम में धोखेबाज़, आपको यह भरोसा दिलाते हैं कि आपको पैसे मिल रहे हैं लेकिन वे UPI का उपयोग करके धोखे से आपसे ‘पेमेंट रिक्वेस्ट’ अप्रूव करवा लेते हैं। इसे “जम्पड” इसलिए कहा जाता है क्योंकि आपके अकाउंट से पैसे निकलते ही, सेकंडों में दर्जनों अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर या ‘जम्प’ करा दिए जाते हैं, जिससे इसे ट्रैक करना नामुमकिन हो जाता है।
जहाँ दूसरे स्कैम में आपसे OTP चुराने की कोशिश की जाती है, वहीं इस स्कैम में खुद आपसे ही आपका UPI पिन दर्ज करवाया जाता है।
यह जाल कैसे बुना जाता है?
- छोटी राशि जमा होना: सबसे पहले आपके अकाउंट में ₹10 या ₹50 जैसी बहुत छोटी राशि जमा होने का मैसेज आता है।
- इमोशनल कॉल: कुछ ही मिनटों में आपके पास एक कॉल आता है। कॉल करने वाला बहुत परेशान या रोता हुआ सुनाई देगा। वो दावा करेगा कि उसने गलती से आपके नंबर पर पैसे भेज दिए हैं और उसे किसी ‘मेडिकल इमरजेंसी’ या बिल के लिए वो पैसे तुरंत वापस चाहिए।
- आपका ध्यान भटकाना: जब आप उनसे बात कर रहे होते हैं, तो वे आपसे कहते हैं कि जब आप उनसे बात कर रहे होते हैं, तो वे आपसे कहते हैं कि “अपना ऐप या SMS ओपन करें और चेक करें कि आपके अकाउंट में पैसे जमा हुए हैं या नहीं”। धोखेबाज़ अपनी जिस मनगढ़ंत कहानी के अनुसार, आपको यकीन दिलाने की कोशिश कर रहा है, उसके अनुसार पर मैसेज में लिखा होगा, “XYZ बैंक से रिफंड”, “ABC स्टोर से कैशबैक” या “कंपनी के पेरोल से जमा”।
- अनुमति देना: अब धोखेबाज़ किसी थर्ड-पार्टी ऐप द्वारा जनरेट किए गए लिंक या फर्जी QR कोड का उपयोग करके ₹5,000 जैसी बड़ी राशि का फर्जी QR कोड भेजते हैं। यह बिल्कुल वैसा ही QR कोड होता है जैसा आप किसी स्टोर में पेमेंट करते समय या ऑनलाइन शॉपिंग करते समय देखते हैं। मदद करने की जल्दी में, आप पिन डाल सकते हैं, यह सोचकर कि आप डिपॉजिट वेरिफाई कर रहे हैं या गलती से ट्रांसफर किए गए ₹50 वापस कर रहे हैं। पिन डालते ही, आपके अकाउंट से एक बड़ी राशि कट जाती है।
इस स्कैम के पीछे की साइकोलॉजी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये फ्रॉड इसलिए सफल होते हैं क्योंकि ये इंसान के स्वभाव का फायदा उठाकर उसे सोचने-समझने का मौका नहीं देते:
- भरोसा जीतना: धोखेबाज़ पहले आपके अकाउंट में थोड़ी सी वैध राशि जमा करके विश्वास जमाते हैं। इसके द्वारा वे आपका भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।
- मदद की भावना: धोखेबाज़ आपकी जिज्ञासा और दूसरों की मदद करने की आपकी अच्छी भावना को ढाल बनाते हैं। अकाउंट में अनचाहा डिपॉजिट देखकर आप उलझन में पड़ जाते हैं, और जैसे ही सामने वाले का कॉल आता है, आप नैतिकता के नाते वह पैसा लौटाने के दबाव में आ जाते हैं।
- जल्दबाजी पैदा करना: तुरंत कार्रवाई करने के लिए भावनाओं का सहारा लिया जाता है। धोखेबाज़ मेडिकल इमरजेंसी जैसी झूठी लेकिन सच लगने वाली कहानियाँ सुनाकर हड़बड़ी पैदा करते हैं, ताकि यूज़र बिना सोचे-समझे जल्दबाज़ी में कदम उठा ले।
- जानकारी का अभाव होना: कई लोग गलतफहमी में यह मान लेते हैं कि बैलेंस चेक करने या पैसे पाने के लिए UPI पिन दर्ज करना ज़रूरी है, जबकि पिन का उपयोग केवल पैसे भेजने (पेमेंट ऑथराइज़ करने) के लिए किया जाता है।
जम्पड डिपॉजिट स्कैम से अपने पैसे कैसे बचाएँ?
- थोड़ा रुकें : अगर कोई अनजान डिपॉजिट और फिर घबराहट वाला कॉल आए, तो तुरंत कदम न उठाएं। धोखेबाज़ों के लिंक अक्सर 5-15 मिनट में एक्सपायर (Expire) हो जाते हैं। अगर आप ऐप खोलने से पहले 15 मिनट इंतज़ार करते हैं, तो संभावना है कि वह जाल (फ्रॉड का तरीका) हट चुका होगा।
- डिटेल्स चेक करें: अगर आप तुरंत चेक कर रहे हैं, तो ट्रांजेक्शन डिटेल्स ध्यान से पढ़ें – राशि कितनी है और पैसा किसे जा रहा है। याद रखें, पैसे जमा होने के लिए आपकी अनुमति की ज़रूरत नहीं होती।
- बैंक जाने की सलाह दें: अगर किसी ने वाकई गलती से पैसे भेजे हैं, तो उनसे कहें कि वे अपने बैंक से संपर्क करें। यही आधिकारिक और सही तरीका है। आप किसी अनजान के कहने पर पैसे भेजने के लिए मजबूर नहीं हैं।
- स्क्रीन चेक करें: पिन डालते समय स्क्रीन के टॉप पर देखें। अगर वहाँ “पेमेंट कर रहे हैं” या “भेज रहे हैं” लिखा है, तो तुरंत रुक जाएँ।
- सही ऐप चुनें: सुनिश्चित करें कि आप केवल बैंकों या PhonePe जैसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म के असली UPI ऐप्स का ही उपयोग करें, जो मल्टी लेयर सिक्योरिटी देते हैं।
- नोटिफिकेशन ऑन रखें: सभी बैंकिंग ट्रांजेक्शन्स के लिए SMS और ईमेल नोटिफिकेशन ऑन रखें, ताकि आप किसी भी अनाधिकृत गतिविधि (unauthorized activity) को तुरंत पहचान सकें।
वह नियम जो आपको याद रखने चाहिए
हमेशा याद रखें कि पैसे पाने के लिए आपको कभी भी अपना UPI पिन डालने की ज़रूरत नहीं पड़ती है। चाहे वो रिफंड हो, कैशबैक हो, कोई गिफ्ट हो या “गलती से” भेजा गया पैसा—अगर स्क्रीन पर आपसे पिन माँगा जा रहा है, तो इसका मतलब है कि आपके अकाउंट से पैसे कट रहे हैं।
यदि आप स्कैम का शिकार हुए हैं, तो क्या करें
यदि आपको शक है कि आप किसी स्कैम का शिकार हुए हैं, तो इसकी रिपोर्ट तुरंत करें। यहाँ हर एक सेकंड कीमती है।
PhonePe पर रिपोर्ट करें:
- PhonePe ऐप: हेल्प सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज करें।
- PhonePe कस्टमर केयर: 80–68727374 या 022–68727374 पर कॉल करें।
- सोशल मीडिया पर रिपोर्ट करें:
- Twitter: PhonePe Support
- Facebook: PhonePe Official
- शिकायत निवारण: PhonePe शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
अधिकारियों को रिपोर्ट करें:
- साइबर क्राइम सेल: साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें या 1930 पर कॉल करें।
- डिपार्टमेंट ऑफ़ कम्युनिकेशन (DOT): संचार साथी पोर्टल पर चक्षु सुविधा के ज़रिए संदिग्ध मैसेज, कॉल, या WhatsApp/Telegram फ्रॉड की रिपोर्ट करें।
महत्वपूर्ण रिमाइंडर— PhonePe कभी भी गोपनीय या व्यक्तिगत जानकारी नहीं माँगता है। यदि PhonePe से होने का दावा करने वाले सभी ईमेल phonepe.com डोमेन से नहीं हैं, तो उन्हें अनदेखा करें। अगर आपको फ्रॉड का संदेह है, तो कृपया तुरंत अधिकारियों से संपर्क करें।
