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सिंथेटिक आइडेंटिटी फ्रॉड: धोखेबाज़ कैसे बनाते हैं आपकी नकली पहचान
PhonePe Regional|4 min read|26 May, 2026
कल्पना कीजिए कि आपको कई बैंकों से कॉल आते हैं और बताया जाता है कि आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट खत्म हो गई है और बिल बकाया हैं। लेकिन आप जानते हैं कि आपने इस महीने इतनी शॉपिंग नहीं की है और आप बैंकों को यह बात बताते हैं। जब कॉल बढ़ते जाते हैं, तो आपका शक बढ़ता है और आप इस बारे में जानकारी माँगते हैं और तब आपको पता चलता है कि आपके फोन नंबर और PAN को किसी और की पहचान के साथ जोड़कर एक ‘नकली पहचान’ बनाई गई है, जिसके माध्यम से अन-ऑथराइज पेमेंट्स किए गए हैं। इसे ही सिंथेटिक आइडेंटिटी फ्रॉड कहते हैं।
आपकी पहचान ही आपकी सबसे बड़ी संपत्ति है। यह आपके हर महत्वपूर्ण काम जैसे वोट देने, ड्राइविंग करने, ट्रांजेक्शन करने, ट्रैवेल करने और टैक्स भरने में काम आती हैं। इसलिए, इसे सुरक्षित रखना उतना ही जरूरी है जितना अपनी अन्य कीमती चीजों को।
यह ब्लॉग एक ऐसे ही फ्रॉड के बारे में है जहाँ धोखेबाज़ आपकी मेहनत की कमाई चुराने के लिए आपकी पहचान का गलत उपयोग करते हैं।
सिंथेटिक आइडेंटिटी फ्रॉड क्या है?
आइडेंटिटी थेफ्ट में, धोखेबाज़ आपकी पहचान चुराकर आपकी जगह लेने की कोशिश करता है। लेकिन सिंथेटिक आइडेंटिटी फ्रॉड इससे भी अधिक खतरनाक है। क्योंकि इसमें असली और नकली जानकारी मिलाकर, पूरी तरह नई और फर्जी पहचान बनाई जाती है।
धोखेबाज़ आपकी असली जानकारी, जैसे आधार या PAN, को किसी नकली नाम या पते के साथ जोड़ देते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि एक ऐसी पहचान बनती है जो असल में मौजूद नहीं होती, लेकिन बैंकिंग सिस्टम इसे एक असली ग्राहक मान लेता है।
यह सिंथेटिक फ्रॉड कैसे काम करता है?
एक बार जब धोखेबाज़ यह नकली पहचान बना लेते हैं, तो वे इसका उपयोग तुरंत नहीं करते। बल्कि इसकी जगह, वे इसे वैलिड दिखाने के लिए काफी समय बिताते हैं। जिसके लिए वे इन तरीकों का सहारा लेते हैं:
- धोखेबाज़ आमतौर पर चोरी किए गए PAN या आधार नंबर से शुरुआत करते हैं और ऐसे लोगों को निशाना बनाते हैं जो अपने क्रेडिट स्कोर या वित्तीय गतिविधियों पर नजर नहीं रखते हैं, जैसे वरिष्ठ नागरिक।
- वे छोटी क्रेडिट लाइन या स्टोर कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं। भले ही उनका ऐप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाए, लेकिन सिस्टम में उस ‘फर्जी इंसान’ की क्रेडिट प्रोफाइल बन जाती है।
- वे अपना क्रेडिट स्कोर बढ़ाने के लिए छोटे-छोटे बिलों का पेमेंट समय पर करते हैं। वे इसे और विश्वसनीय बनाने के लिए, दूसरे अकाउंट्स में सह-सदस्य (Co-joinee) या ऑथराइज यूजर के रूप में अपनी डिटेल्स भी जोड़ते हैं, ताकि बैंक का भरोसा जीता जा सके।
- जब क्रेडिट लिमिट पर्याप्त रूप से बढ़ जाती है, तो धोखेबाज़ सारा पैसा निकालकर गायब हो जाते हैं।
अब चूँकि वह इंसान असल में था ही नहीं, बैंक एक ‘परछाई’ का पीछा करते रह जाते हैं।
इस फ्रॉड का असली दर्द उन पीड़ितों को झेलना पड़ता है जिनकी पहचान चुराई गई थी। यदि आपकी ID का उपयोग सिंथेटिक आइडेंटिटी फ्रॉड के लिए किसी आधार की तरह किया गया है, तो शायद आपको सालों तक इसका पता भी न चले। आपको इसकी भनक तब लगती है, जब आप कार लोन या स्टूडेंट लोन के लिए अप्लाई करते हैं और वह रिजेक्ट हो जाता है – वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि आपका PAN एक भारी-भरकम “भूतिया कर्ज” (ghost debt) से लिंक होता है। तब जाकर आपको पता चलता है कि आप इस फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।
PhonePe आपकी सुरक्षा कैसे करता है
PhonePe इस तरह के फ्रॉड का पता लगाने के लिए मानवीय और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) दोनों का उपयोग करता है। सिंथेटिक आइडेंटिटी आमतौर पर मशीनों की तरह व्यवहार करती हैं, जिनका एक पैटर्न और स्ट्रक्चर होता है। PhonePe सिस्टम ऐसे मामलों को आसानी से पहचान सकता है। असली यूजर्स दोस्तों, परिवार और मर्चेंट्स से जुड़े होते हैं। जब हमें कोई ऐसा अकाउंट दिखता है जिसका वास्तविक दुनिया से कोई संबंध नहीं होता, तो यह तुरंत संदेह पैदा कर देता है। हमारा KYC वेरिफिकेशन सिस्टम, केवल आपकी ID नहीं पढ़ता, बल्कि किसी भी प्रकार की हेराफेरी की जाँच भी करता है, भले ही यह बदलाव बहुत ही छोटे क्यों न हो। जिससे यह पता लगाया जा सके कि क्या किसी डॉक्यूमेंट पर एक नंबर या फोटो को डिजिटल रूप से बदलकर कृत्रिम पहचान बनाई गई है।
खुद को सुरक्षित कैसे रखें
सिंथेटिक आइडेंटिटी फ्रॉड से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के कुछ तरीके यहाँ दिए गए हैं:
- अपनी क्रेडिट हेल्थ पर नज़र रखें: समय-समय पर अपना ‘क्रेडिट स्कोर’ चेक करते रहें। यदि आपको वहाँ कोई ऐसा लोन या क्रेडिट इन्क्वायरी दिखे जिसके बारे में आप नहीं जानते हैं, तो यह एक चेतावनी है कि आपकी ID का कहीं और गलत उपयोग हो रहा है।
- अपने डॉक्युमेंट्स को सुरक्षित रखें: अपने आधार और PAN कार्ड को बहुत सँभाल कर रखें। कभी भी अनजान या अन-वेरिफाइड सोशल मीडिया ग्रुप्स पर अपनी ID की फोटो शेयर न करें।
- बायोमेट्रिक लॉक का उपयोग करें: अपनी PhonePe सेटिंग्स में जाएँ और सुनिश्चित करें कि फिंगरप्रिंट या फेस ID चालू है। यह आपकी सुरक्षा में एक बेहद जरूरी और मजबूत परत जोड़ता है।
यदि आप फ्रॉड का शिकार हो जाएँ तो क्या करें
यदि आपको लगता है कि आप किसी फ्रॉड का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत इसकी रिपोर्ट करें। ऐसी स्थिति में, हर सेकेंड मायने रखता है।
PhonePe पर रिपोर्ट करें:
- PhonePe ऐप: हेल्प सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज करें।
- PhonePe कस्टमर केयर: 80–68727374 या 022–68727374 पर कॉल करें।
- सोशल मीडिया पर रिपोर्ट करें:
- Twitter: PhonePe Support
- Facebook: PhonePe Official
- शिकायत निवारण: PhonePe शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
अधिकारियों को रिपोर्ट करें:
- साइबर क्राइम सेल: साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें या 1930 पर कॉल करें।
- डिपार्टमेंट ऑफ़ कम्युनिकेशन (DOT): संचार साथी पोर्टल पर चक्षु सुविधा के ज़रिए संदिग्ध मैसेज, कॉल, या WhatsApp/Telegram फ्रॉड की रिपोर्ट करें।
महत्वपूर्ण रिमाइंडर— PhonePe कभी भी गोपनीय या व्यक्तिगत जानकारी नहीं माँगता है। यदि PhonePe से होने का दावा करने वाले सभी ईमेल phonepe.com डोमेन से नहीं हैं, तो उन्हें अनदेखा करें। अगर आपको फ्रॉड का संदेह है, तो कृपया तुरंत अधिकारियों से संपर्क करें।
