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इंश्योरेंस फ्रॉड के बारे में जानें: इससे कैसे बचें
PhonePe Regional|4 min read|26 November, 2025
याद कीजिए आखिरी बार जब आपने अपनी कोई भी इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी या उसका रिन्युअल कब किया था – चाहे वह हेल्थ इंश्योरेंस हो, लाइफ इंश्योरेंस हो, कार इंश्योरेंस हो, या बाइक इंश्योरेंस हो। इस पॉलिसी को लेने का उद्देश्य यही था कि कोई अप्रत्याशित आर्थिक नुकसान होने पर यह एक सुरक्षा कवच का काम करेगा। लेकिन सोचिए, अगर यही सुरक्षा कवच धोखेबाजों का एक ऐसा जरिया बन जाए जिससे वे आपकी मेहनत की कमाई लूट लें तो क्या होगा?
इंश्योरेंस फ्रॉड एक तेजी से बढ़ती हुई समस्या है, जो न केवल इंश्योरेंस कंपनियों बल्कि पॉलिसीहोल्डर्स को भी प्रभावित करती है। जिस तरह इंश्योरेंस कंपनियां गलत क्लेम और इंश्योरेंस फ्रॉड को रोकने के लिए प्रोटोकॉल बनाती हैं, उसी तरह यह भी जरूरी है कि आप इस समस्या के दूसरे पहलू को समझें। अगर आप सतर्क नहीं हैं, तो आप जैसे पॉलिसीहोल्डर्स भी भारी आर्थिक नुकसान उठा सकते हैं।
यह ब्लॉग इंश्योरेंस फ्रॉड के सबसे आम प्रकारों, उनके परिणामों और उनसे बचने के लिए व्यावहारिक कदमों के बारे में बताता है।
इंश्योरेंस फ्रॉड क्या है?
इंश्योरेंस फ्रॉड वह फ्रॉड है जिसमें धोखेबाज़ कम प्रीमियम या सीमित अवधि की छूट – जो अक्सर नकली होती है – की आड़ में, पीड़ित से अवैध रूप से धन हड़पने के इरादे से धोखे या गलत जानकारी का उपयोग करते हैं।
इंश्योरेंस फ्रॉड के कुछ उदाहरण
उदाहरण 1. फर्जी ऑफर: धोखेबाज पीड़ितों से संपर्क करते हैं और उन्हें अविश्वसनीय रूप से कम प्रीमियम या विशेष ऑफर का लालच देते हैं और तथा उन्हें पर्सनल या बैंकिंग डिटेल्स शेयर करने के लिए प्रेरित करते हैं।
राम्या को एक कॉल आता है, जिसमें कहा जाता है कि अगर उन्होंने तुरंत अपनी कार इंश्योरेंस पॉलिसी का रिन्युअल नहीं किया, तो उनकी पॉलिसी समाप्त हो जाएगी। उन्हें एक लास्ट-मिनट डिस्काउंट भी ऑफर किया जाता है, जो एक घंटे में खत्म हो जाएगा। दबाव में आकर, राम्या अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी शेयर कर देती हैं। बाद में उन्हें पता चलता है कि उनके अकाउंट से बड़ी रकम धोखे से निकाल ली गई है।
उदाहरण 2. फर्जी इंश्योरेंस वेबसाइटें: साइबर अपराधी असली इंश्योरेंस पोर्टल्स जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बनाते हैं, ताकि वे पर्सनल डिटेल्स, बैंकिंग डिटेल्स, या नकली पॉलिसियों के लिए पेमेंट चुरा सकें।
प्रवल को अपने और अपने परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चाहिए। वह ऑनलाइन सर्च करते हैं और “बेस्ट हेल्थ इंश्योरेंस” सर्च करते हुए एक वेबसाइट पर पहुंचते हैं, जो एक प्रसिद्ध इंश्योरेंस कंपनी की वेबसाइट जैसी लगती है। लेकिन वह इस बात पर ध्यान नहीं देते कि वेबसाइट का लोगो पुराना है और इंश्योरर का नाम गलत लिखा हुआ है। बिना जाँच-पड़ताल के, वह अपनी पर्सनल डिटेल्स, बैंकिंग डिटेल्स भरकर ऑनलाइन पेमेंट कर देते हैं। बाद में, जब वह इंश्योरेंस कंपनी से संपर्क करते हैं, तो पता चलता है कि वेबसाइट फर्जी थी और उनका पैसा और निजी डेटा साइबर अपराधियों द्वारा चुरा लिया गया।
उदाहरण 3. फ़िशिंग ईमेल: फ़िशिंग ईमेल, फ्रॉड का एक सामान्य तरीका है, जिसमें स्कैमर्स धोखेबाज मैसेज भेजते हैं और संवेदनशील जानकारी चुराने या दुर्भावनापूर्ण लिंक और अटैचमेंट के माध्यम से मैलवेयर इंस्टॉल करने का प्रयास करते हैं।
सुशांत को एक ईमेल प्राप्त होता है, जो उनकी इंश्योरेंस कंपनी से आया हुआ लगता है। ईमेल में क्लेम किया जाता है कि यदि वह तुरंत अपने अकाउंट की डिटेल्स वेरिफाई नहीं करेंगे, तो उनकी पॉलिसी कैंसिल कर दी जाएगी। ईमेल में एक लिंक दिया गया है, जो इंश्योरेंस कंपनी के आधिकारिक पोर्टल जैसा दिखता है। ईमेल पर भरोसा करके और उनपर बनाए गए दबाव में आकर, सुशांत लिंक पर क्लिक करते हैं और अपनी लॉगिन क्रेडेंशियल्स डालते हैं। बाद में, उन्हें पता चलता है कि उनके बैंक अकाउंट से बिना अनुमति के लेन-देन किए गए हैं, क्योंकि नकली वेबसाइट का उद्देश्य उनकी संवेदनशील जानकारी चुराना था।
उदाहरण 4. UPI और डिजिटल पेमेंट स्कैम: इन स्कैम्स में धोखेबाज अपने पर्सनल UPI लिंक या QR कोड शेयर करते हैं और उन्हें वैलिड इंश्योरेंस पेमेंट लिंक होने का क्लेम करते हैं। वे पीड़ितों को इंश्योरेंस पेमेंट या छूट के नाम पर अपने पर्सनल अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने के लिए उकसाते हैं, जिससे अनधिकृत रूप से पैसे ट्रांसफर हो जाते हैं।
सुचेता को एक कॉल आता है, जिसमें एक व्यक्ति खुद को इंश्योरेंस एजेंट बताता है। वह अपनी पॉलिसी के रिन्युअल पर सीमित समय का डिस्काउंट ऑफर करता है। धोखेबाज उसे एक UPI लिंक भेजता है और कहता है कि डिस्काउंट पाने के लिए तुरंत पेमेंट करें। सुचेता लिंक पर क्लिक करती हैं और अपना UPI पिन दर्ज करती हैं। बाद में उन्हें पता चलता है कि उनके बैंक अकाउंट से पैसे कट गए हैं और इंश्योरेंस कंपनी के पास इस ट्रांजेक्शन का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
इंश्योरेंस फ्रॉड के कुछ सामान्य संकेत
- अवास्तविक ऑफर, जैसे बहुत कम प्रीमियम या भारी लाभ।
- हाई-प्रेशर रणनीतियाँ, जैसे “सीमित समय का ऑफर” या पॉलिसी समाप्ति की धमकी।
- अनौपचारिक तरीकों (जैसे UPI या निजी अकाउंट) से पेमेंट करने को कहना।
- वेबसाइट पर उचित सुरक्षा (जैसे HTTPS) या कांटेक्ट डिटेल्स का न होना।
- संवेदनशील डेटा (जैसे OTP, UPI पिन, या अकाउंट डिटेल्स) की मांग करना।
- अनचाही कॉल्स, ईमेल्स, या मैसेज जो पर्सनल या वित्तीय जानकारी मांगते हैं।
इंश्योरेंस फ्रॉड से खुद को कैसे बचाएँ?
- इंश्योरर के बारे में रिसर्च करें: इंश्योरर के इतिहास, वित्तीय स्थिति, लाइसेंस और कस्टमर रिव्यू को चेक करें
- कैश पेमेंट्स से बचें: केवल सुरक्षित पेमेंट्स माध्यमों का उपयोग करें, जैसे ऑनलाइन पोर्टल पेमेंट्स या कार्ड पेमेंट्स, ताकि लेन-देन का रिकॉर्ड रहे।
- संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रखें: अपनी व्यक्तिगत जानकारी केवल भरोसेमंद स्रोतों और सुरक्षित माध्यमों से साझा करें।
- पॉलिसी डिटेल्स पढ़ें: पॉलिसी दस्तावेज़ की शर्तों को ध्यान से पढ़ें, ताकि पॉलिसी की वैधता सुनिश्चित हो सके।
अगर आप इंश्योरेंस फ्रॉड के शिकार हो जाएँ तो क्या करें?
यदि आपको धोखाधड़ी का संदेह है या आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो तुरंत कार्रवाई करें:
- समस्या को रिपोर्ट करें:
- PhonePe ऐप: हेल्प सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज करें।
- PhonePe कस्टमर केयर पर कॉल करें: 80–68727374 या 022–68727374।
- सोशल मीडिया: आधिकारिक PhonePe अकाउंट्स पर घटनाओं की रिपोर्ट करें:
- Twitter: PhonePe Support
- Facebook: PhonePe Facebook
- शिकायत निवारण: अपनी टिकट आईडी के साथ PhonePe के शिकायत निवारण पोर्टल का उपयोग करें: शिकायत पोर्टल
- अधिकारियों को रिपोर्ट करें:
- साइबर क्राइम सेल: साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या 1930 पर कॉल करें।
- IRDAI: इंश्योरेंस फ्रॉड की रिपोर्ट भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण पर करें: IRDAI से संपर्क करें.
महत्वपूर्ण रिमाइंडर— PhonePe कभी भी गोपनीय या व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता। अगर PhonePe से होने का दावा करने वाले सभी ईमेल phonepe.com डोमेन से नहीं हैं, तो उन्हें अनदेखा करें। अगर आपको धोखाधड़ी का संदेह है, तो कृपया तुरंत अधिकारियों से संपर्क करें।
